ईरान में लड़कियों के प्राथमिक स्कूल पर हमला: इजरायल–अमेरिका ऑपरेशन में 40 छात्राओं की मौत, पश्चिम एशिया युद्ध के कगार पर

ईरान में लड़कियों के प्राथमिक स्कूल पर हमला: इजरायल–अमेरिका ऑपरेशन में 40 छात्राओं की मौत, पश्चिम एशिया युद्ध के कगार पर

पश्चिम एशिया एक बार फिर भीषण युद्ध की आशंका से घिर गया है। इजरायल और ईरान के बीच तनाव ने खतरनाक मोड़ ले लिया है। शनिवार तड़के इजरायल द्वारा ईरान के कई शहरों पर किए गए हवाई हमलों में दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में स्थित एक लड़कियों के प्राथमिक विद्यालय को निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई है। इस हमले में 40 छात्राओं की मौत और 45 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि ईरानी सरकारी एजेंसियों ने की है।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार यह हमला होर्मोज़गन प्रांत के मिनाब शहर में हुआ, जहां एक प्राथमिक स्कूल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं समाचार एजेंसी फार्स ने दावा किया है कि मारे गए सभी 40 लोग छात्राएं थीं। यह घटना सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और आक्रोश दोनों तेजी से बढ़े हैं,

ईरान के मिनाब शहर में स्कूल पर हमले के बाद मलबे के बीच राहत और बचाव कार्य करते सुरक्षाकर्मी।

अमेरिका–इजरायल का संयुक्त ऑपरेशन, नागरिक इलाकों पर सवाल

ईरान ने आरोप लगाया है कि यह हमला अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य ऑपरेशन के तहत किया गया। हालांकि इजरायल या अमेरिका की ओर से स्कूल को निशाना बनाने के दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इजरायल का कहना है कि उसके हमले सैन्य ठिकानों और रणनीतिक ठोस लक्ष्यों पर केंद्रित थे।

गौरतलब है कि मिनाब शहर में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का एक बेस भी स्थित है। ईरान का दावा है कि स्कूल के आसपास किसी भी प्रकार की सैन्य गतिविधि नहीं थी और यह हमला अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों का खुला उल्लंघन है।

तेहरान सहित कई शहरों पर हवाई हमले

इजरायल ने शनिवार सुबह तेहरान समेत ईरान के कई बड़े शहरों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन हमलों के बाद पूरे ईरान में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। राजधानी तेहरान में सायरन बजने लगे और कई इलाकों में बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित हो गई।

ईरानी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हमलों का मुख्य उद्देश्य सैन्य संचार तंत्र और मिसाइल डिपो थे, लेकिन कई स्थानों पर नागरिक ढांचे को भी नुकसान पहुंचा।

ईरान का पलटवार: ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’

इजरायली हमलों के जवाब में ईरान ने ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ शुरू करने की घोषणा की। इसके तहत ईरान ने न केवल इजरायल, बल्कि खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया।

ईरान की ओर से कुवैत, कतर, बहरीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद अमेरिकी बेस पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ईरान ने यूएई के सबसे अधिक आबादी वाले शहर दुबई को भी निशाना बनाया। हालांकि दुबई में हुए नुकसान की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

खाड़ी देशों की तीखी प्रतिक्रिया, उड़ानें रद्द

ईरानी हमलों के बाद सऊदी अरब ने कड़ा बयान जारी करते हुए बहरीन, कतर, कुवैत, जॉर्डन और यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के कई देशों ने इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बताया है।

सुरक्षा कारणों से खाड़ी देशों ने अपने हवाई अड्डों से सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने अगली सूचना तक सभी फ्लाइट ऑपरेशन रोक दिए हैं, जिससे हजारों यात्री फंसे हुए हैं और वैश्विक विमानन नेटवर्क पर भी असर पड़ा है।

इजरायल में इमरजेंसी, स्कूल–दफ्तर बंद

ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद इजरायल में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने पूरे देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि ईरान की ओर से बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले हो सकते हैं।

इजरायली पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जरूरी काम के अलावा घरों से बाहर न निकलें। स्कूल और कई सरकारी–निजी दफ्तर बंद कर दिए गए हैं। अस्पतालों में भर्ती मरीजों को सुरक्षा के लिहाज से शेल्टर जोन में शिफ्ट किया जा रहा है। देशभर में लगातार सायरन बज रहे हैं और संभावित हमले वाले इलाकों में लोगों को बंकरों में भेजा जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता

लड़कियों के स्कूल पर हमले की खबर ने वैश्विक समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। कई मानवाधिकार संगठनों ने इसे युद्ध अपराध करार देने की मांग की है। संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ की ओर से दोनों पक्षों से संयम बरतने और तत्काल संघर्षविराम की अपील की जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं संभाले गए तो यह संघर्ष पूरे पश्चिम एशिया को एक बड़े युद्ध में झोंक सकता है, जिसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति, व्यापार मार्गों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ेगा।

ईरान के मिनाब में लड़कियों के प्राथमिक स्कूल पर हुआ हमला केवल एक सैन्य घटना नहीं, बल्कि मानवता पर गहरा आघात है। इजरायल–ईरान टकराव अब सिर्फ सीमित सैन्य कार्रवाई नहीं रहा, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक संकट में बदलता जा रहा है। आने वाले दिन यह तय करेंगे कि कूटनीति हालात को संभाल पाएगी या पश्चिम एशिया एक और विनाशकारी युद्ध की ओर बढ़ेगा।

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