2026 Assembly Election Schedule : भारत में लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ चुनाव प्रक्रिया है। इसी क्रम में Election Commission of India ने वर्ष 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इस बार देश के चार राज्यों – पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम – तथा एक केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे।
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित राज्यों में आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू हो गई है। अब सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।
इन चुनावों को 2026 की भारतीय राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि कई राज्यों में सत्ता परिवर्तन की संभावना और कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।
किन राज्यों में होंगे चुनाव
2026 में जिन राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं, वे हैं:
West Bengal
Tamil Nadu
Kerala
Assam
इसके अलावा एक केंद्र शासित प्रदेश:
Puducherry
इन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में मतगणना 4 मई 2026 को होगी।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026
पश्चिम बंगाल का चुनाव इस बार देश के सबसे चर्चित चुनावों में से एक माना जा रहा है। राज्य में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं और यहां मतदान दो चरणों में कराया जाएगा।
मतदान कार्यक्रम
पहला चरण: 23 अप्रैल 2026 – 152 सीटें
दूसरा चरण: 29 अप्रैल 2026 – 142 सीटें
मतगणना: 4 मई 2026
राजनीतिक दृष्टि से यहां मुकाबला मुख्य रूप से इन दलों के बीच माना जा रहा है:
All India Trinamool Congress
Bharatiya Janata Party
Indian National Congress
Communist Party of India (Marxist)
पश्चिम बंगाल में 2021 के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने बड़ी जीत हासिल की थी और मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने लगातार तीसरी बार सरकार बनाई थी। 2026 का चुनाव इस बात का फैसला करेगा कि क्या तृणमूल अपनी सत्ता बरकरार रख पाएगी या भाजपा और अन्य विपक्षी दल कोई बड़ा उलटफेर करेंगे।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026
दक्षिण भारत के सबसे महत्वपूर्ण राज्यों में से एक तमिलनाडु में इस बार चुनाव एक ही चरण में कराया जाएगा।
मतदान कार्यक्रम
मतदान: 23 अप्रैल 2026
मतगणना: 4 मई 2026
तमिलनाडु में पारंपरिक रूप से दो प्रमुख दलों के बीच मुकाबला होता है:
Dravida Munnetra Kazhagam
All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam
इसके अलावा भाजपा और कांग्रेस भी अपने गठबंधन के साथ चुनाव मैदान में उतरती हैं। राज्य की राजनीति में यह चुनाव दक्षिण भारतीय राजनीति की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।
केरल विधानसभा चुनाव 2026
केरल में भी चुनाव एक चरण में आयोजित किया जाएगा।
मतदान कार्यक्रम
मतदान: 9 अप्रैल 2026
मतगणना: 4 मई 2026
केरल में मुख्य मुकाबला इन दो गठबंधनों के बीच होता है:
LDF (Left Democratic Front)
UDF (United Democratic Front)
LDF का नेतृत्व आमतौर पर Communist Party of India (Marxist) करती है, जबकि UDF का नेतृत्व Indian National Congress करता है।
असम विधानसभा चुनाव 2026
पूर्वोत्तर भारत के प्रमुख राज्य असम में भी चुनाव एक चरण में कराया जाएगा।
मतदान कार्यक्रम
मतदान: 9 अप्रैल 2026
मतगणना: 4 मई 2026
राज्य की राजनीति में भाजपा, कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के बीच मुकाबला देखने को मिलता है।
पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भी इसी चुनाव कार्यक्रम के तहत मतदान कराया जाएगा।
मतदान कार्यक्रम
मतदान: 9 अप्रैल 2026
मतगणना: 4 मई 2026
यहां भी भाजपा, कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के बीच मुकाबला देखने को मिलता है।
उपचुनाव भी कराए जाएंगे
इन विधानसभा चुनावों के साथ-साथ देश के कुछ राज्यों में 8 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव भी कराए जाएंगे। इनमें शामिल राज्य हैं:
गुजरात
गोवा
कर्नाटक
महाराष्ट्र
नागालैंड
त्रिपुरा
इन सीटों पर उपचुनाव विभिन्न कारणों से खाली हुई विधानसभा सीटों को भरने के लिए कराए जा रहे हैं।
आचार संहिता लागू
चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही सभी संबंधित राज्यों में Model Code of Conduct (MCC) लागू हो गया है।
इसका मतलब है:
सरकार नई योजनाओं की घोषणा नहीं कर सकती
सरकारी संसाधनों का चुनाव प्रचार में उपयोग नहीं होगा
अधिकारियों का राजनीतिक उपयोग प्रतिबंधित रहेगा
चुनाव प्रचार के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना होगा
चुनाव आयोग इन नियमों का उल्लंघन होने पर कार्रवाई भी कर सकता है।
क्यों महत्वपूर्ण हैं ये चुनाव
2026 के विधानसभा चुनाव कई कारणों से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं:
कई राज्यों में सत्ता परिवर्तन की संभावना
राष्ट्रीय राजनीति पर प्रभाव
अगले लोकसभा चुनाव की रणनीति तय होगी
क्षेत्रीय दलों की ताकत का आकलन
विशेष रूप से पश्चिम बंगाल का चुनाव राष्ट्रीय स्तर पर काफी चर्चित माना जा रहा है।
2026 के विधानसभा चुनाव भारतीय लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षा होंगे। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में होने वाले ये चुनाव न केवल राज्य की सरकार तय करेंगे बल्कि देश की राजनीति की दिशा भी निर्धारित कर सकते हैं।
अब सभी राजनीतिक दलों ने अपनी चुनावी रणनीति तैयार करना शुरू कर दिया है और आने वाले हफ्तों में चुनावी रैलियों, घोषणापत्र और राजनीतिक अभियानों की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।




