बंगाल की खाड़ी में गहराते कम दबाव के चलते भीषण चक्रवाती तूफान की आशंका बढ़ गई है, जिसे लेकर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई तटीय राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है।
मौसम विभाग की चेतावनी और चक्रवात की दिशा
मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय निम्न दबाव का क्षेत्र तेजी से एक गहरे दबाव में तब्दील हो रहा है। इसके प्रभाव से आगामी 48 से 72 घंटों के भीतर तटीय क्षेत्रों में तूफानी हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है और तटीय इलाकों में जहाजों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
इन राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका
वॉइस ऑफ मैनपुरी की रिपोर्ट के अनुसार, चक्रवात का असर मुख्य रूप से पूर्वी और दक्षिणी तटीय क्षेत्रों पर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों को चिह्नित किया है:
- ओडिशा और पश्चिम बंगाल: समुद्र तटीय जिलों में 80 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और भारी बारिश का अलर्ट।
- आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु: उत्तरी तटीय क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ अत्यधिक वर्षा की संभावना।
- अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह: समुद्र में ऊंची लहरों के चलते निचले इलाकों में जलभराव की चेतावनी।
प्रशासन की त्वरित तैयारियां: ‘जीरो कैजुअल्टी’ पर फोकस
तूफान के संभावित खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों की आपदा प्रबंधन इकाइयां सक्रिय मोड में आ गई हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की कई टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में पहले ही तैनात कर दिया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने तटीय बस्तियों से लोगों को सुरक्षित स्थानों और चक्रवात राहत केंद्रों (Cyclone Shelters) में स्थानांतरित करने की योजना तैयार कर ली है। केंद्र सरकार की निगरानी में सभी संबंधित विभागों को 24×7 अलर्ट पर रखा गया है, ताकि बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य जैसी आवश्यक सेवाएं किसी भी आपात स्थिति में तुरंत बहाल की जा सकें। सरकार की प्राथमिक रणनीति आपदा के प्रभाव को न्यूनतम रखना और जनहानि को शून्य पर सीमित करना है।
(Image Credit: abplive.com)






