मैनपुरी में करंट की चपेट में आने से एक मजदूर की दुखद मौत के बाद स्थानीय प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया और परिजनों को ढांढस बंधाया।
जनपद मैनपुरी के अंतर्गत कार्य के दौरान विद्युत करंट लगने से एक श्रमिक की असामयिक मृत्यु का अत्यंत दुखद मामला सामने आया। घटना से क्षुब्ध होकर पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। हालांकि, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और शोकाकुल परिवार को संबल देने के लिए स्थानीय पुलिस व प्रशासनिक अमला फौरन मौके पर पहुंच गया।
प्रशासन की त्वरित संवेदनशीलता से शांत हुआ आक्रोश
वॉइस ऑफ मैनपुरी की रिपोर्ट के अनुसार, सूचना मिलते ही वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। अधिकारियों ने परिजनों से सीधा संवाद स्थापित किया और उन्हें हर संभव मदद तथा निष्पक्ष जांच का ठोस भरोसा दिलाया। प्रशासन के संवेदनशील रुख और त्वरित कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजनों ने जाम समाप्त किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
उत्तर प्रदेश सरकार की जन-हितैषी नीतियों के अनुरूप, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही शासन की ओर से अनुमन्य आर्थिक सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया भी तत्काल शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण कदम:
- तत्काल आर्थिक सहायता: पीड़ित परिवार को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के तहत त्वरित आर्थिक मदद दिलाने का प्रस्ताव तैयार किया गया।
- दोषियों पर जांच के आदेश: करंट फैलने के कारणों की तकनीकी जांच के लिए विद्युत विभाग और संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध जांच कमेटी गठित।
- संवेदनशील संवाद: शोकाकुल परिजनों की मांगों को सहानुभूतिपूर्वक सुनकर मौके पर ही समाधान की रूपरेखा तय की गई।
- यातायात बहाली: किसी भी आम नागरिक को असुविधा न हो, इसके लिए कुछ ही समय में मार्ग को सुचारू रूप से चालू कराया गया।
क्षेत्रीय अधिकारियों का कहना है कि सरकार श्रमिकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मामले में संबंधित विभाग से विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है ताकि भविष्य में ऐसी अप्रिय घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
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