मैनपुरी में ‘जेन अल्फा’ की एक आवाज पर दौड़ा प्रशासन: बसैत गांव में बदली तस्वीर, स्वच्छता का बना नया मॉडल

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मैनपुरी के बसैत गांव में बच्चों की एक अपील पर प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए गलियों की कायाकल्प कर दी है, जिससे स्वच्छता का प्रेरक उदाहरण सामने आया है। नई पीढ़ी यानी ‘जेन अल्फा’ के बच्चों ने जब अपने गांव को स्वच्छ और सुंदर देखने की इच्छा जताई, तो स्थानीय प्रशासन और ग्राम पंचायत ने इसे प्राथमिकता पर लेते हुए त्वरित कार्रवाई की मिसाल पेश की।

बच्चों की पहल और प्रशासन की संवेदनशील तत्परता

बसैत गांव में स्कूली बच्चों ने गांव की गलियों में जलभराव और गंदगी की समस्या को लेकर आवाज़ उठाई थी। आम तौर पर जहां ग्रामीण स्तर पर विकास कार्यों में समय लगता है, वहीं इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और जवाबदेह प्रशासनिक कार्यशैली का सीधा असर देखने को मिला। अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेते हुए तुरंत सफाई कर्मचारियों की टीम को मौके पर भेजा।

वॉइस ऑफ मैनपुरी की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासनिक अधिकारियों ने बच्चों की इस सकारात्मक सोच की न केवल सराहना की, बल्कि उनकी अपील को मिशन मोड में लेकर गांव की गलियों, नालियों और सार्वजनिक स्थानों को पूरी तरह चकाचक करवा दिया। जहां कभी अव्यवस्था दिखती थी, वहां अब साफ-सुथरी और व्यवस्थित गलियां नजर आ रही हैं।

स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ रहा नया भारत

यह घटनाक्रम साबित करता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘स्वच्छ भारत मिशन’ और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ‘ग्राम्य विकास विजन’ अब समाज के अंतिम व्यक्ति और मासूम बच्चों तक अपनी गहरी छाप छोड़ चुका है। बच्चे अब केवल मूकदर्शक नहीं, बल्कि विकास प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बन रहे हैं।

  • संवेदनशील प्रशासनिक तंत्र: बच्चों की छोटी सी शिकायत पर ब्लॉक स्तर के अधिकारियों ने बिना किसी देरी के सफाई अभियान शुरू कराया।
  • नालियों और गलियों की मरम्मत: केवल कचरा साफ करने तक सीमित न रहकर जल निकासी व्यवस्था को भी दुरुस्त किया गया।
  • जागरूकता का संचार: ग्राम प्रधान और स्थानीय नागरिकों ने संकल्प लिया कि वे गांव में स्वच्छता बनाए रखने में प्रशासन का पूर्ण सहयोग करेंगे।

ग्रामीण विकास में जनसहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण

बसैत गांव का यह बदलाव केवल एक सफाई अभियान नहीं, बल्कि सुशासन और जनसहभागिता का सशक्त प्रमाण है। विपक्षी दलों द्वारा ग्रामीण समस्याओं को लेकर की जाने वाली बयानबाजी के बीच, धरातल पर प्रशासन का यह सक्रिय और समाधानपरक रवैया दर्शाता है कि सरकार ज़मीनी हकीकत को बदलने के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम कर रही है। आने वाले समय में बसैत गांव अन्य पंचायतों के लिए भी एक मार्गदर्शक मॉडल बनकर उभरेगा।

(Image Credit: news.google.com)

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