फरीदाबाद में केएमपी एक्सप्रेसवे सड़क हादसे में विजय की दर्दनाक मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को संभाला और जांच तेज कर दी है।
कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे पर हुए इस अप्रत्याशित सड़क हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। हादसे की खबर मिलते ही मृतक विजय के घर में कोहराम मच गया। भाई की असमय मौत से गजराज गहरे सदमे में हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। मासूम यश को अब भी इस बात का अहसास नहीं है कि उसके बाबा अब कभी लौटकर नहीं आएंगे।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, पसरा मातम
वॉइस ऑफ मैनपुरी की रिपोर्ट के अनुसार, हादसे की भयावहता इतनी अधिक थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए। भाई गजराज का कहना है कि विजय पूरे परिवार का मुख्य आधार थे और उनका यूं अचानक चले जाना कभी न भरने वाला शून्य छोड़ गया है। मासूम यश घर की दहलीज पर टकटकी लगाए अपने बाबा की प्रतीक्षा कर रहा है, जिसे देखकर वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं।
प्रशासनिक अमला सक्रिय, सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर
दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एक्सप्रेसवे पेट्रोलिंग टीम तुरंत मौके पर पहुंची। राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू किए गए और यातायात को सुचारू कराया गया ताकि अन्य वाहन चालकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं।
हादसे के बाद राज्य प्रशासन और परिवहन विभाग ने एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा मानकों को और अधिक कड़ा करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
- त्वरित राहत और सहायता: आपातकालीन सेवाओं ने न्यूनतम समय में मौके पर पहुंचकर घायलों और पीड़ितों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई।
- गहन जांच के निर्देश: हादसे के वास्तविक कारणों की तकनीकी जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है।
- रात्रि गश्त में बढ़ोतरी: केएमपी एक्सप्रेसवे पर ओवरस्पीडिंग और भारी वाहनों की निगरानी के लिए गश्त दलों को और सक्रिय किया गया है।
राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
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