मैनपुरी के एक प्राथमिक विद्यालय में पेयजल समस्या का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘बाल स्वास्थ्य सुरक्षा’ के संकल्प को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने तुरंत जांच के निर्देश दिए हैं।
स्थानीय स्तर पर सामने आए एक वीडियो में विद्यालय के बच्चों द्वारा पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंता व्यक्त की गई थी। वॉइस ऑफ मैनपुरी की रिपोर्ट के अनुसार, मामले की जानकारी मिलते ही बेसिक शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया और संबंधित स्कूल में शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और सुधारात्मक कदम
उत्तर प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प और छात्र-छात्राओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस घटना को एक स्थानीय तकनीकी खामी मानते हुए अधिकारियों ने समस्या के स्थाई समाधान की दिशा में कार्य शुरू कर दिया है।
- जल परीक्षण के निर्देश: स्वास्थ्य एवं जल निगम की टीम को हैंडपंप और पेयजल स्रोत के नमूनों की तत्काल जांच करने को कहा गया है।
- वैकल्पिक व्यवस्था: जब तक स्थायी समाधान नहीं हो जाता, तब तक विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
- जवाबदेही तय: स्थानीय पंचायत स्तर पर लापरवाही बरतने वालों की पहचान कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
ऑपरेशन कायाकल्प के तहत स्कूलों का सुदृढ़ीकरण
प्रदेश सरकार ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है। मैनपुरी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नौनिहालों के स्वास्थ्य और शिक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और भविष्य में ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।
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