स्वच्छ भारत मिशन को गांव-गांव तक पहुंचाने वाले सामुदायिक शौचालय के केयरटेकरों के मानदेय भुगतान की प्रक्रिया को सुगम और तेज करने के लिए जन कल्याण केयर टेकर एसोसिएशन ने डीपीआरओ (DPRO) को ज्ञापन सौंपा है। प्रशासन ने ज्ञापन का संज्ञान लेते हुए जल्द उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
स्वच्छता व्यवस्था में केयरटेकरों की महत्वपूर्ण भूमिका
प्रदेश सरकार के स्वर्णिम स्वच्छता अभियान के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में निर्मित सामुदायिक शौचालयों ने जन-स्वास्थ्य और स्वच्छता के नए आयाम स्थापित किए हैं। इन परिसरों के नियमित रखरखाव और संचालन में केयरटेकरों का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है। इसी कड़ी में जन कल्याण केयर टेकर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) से मिलकर बकाया मानदेय के शीघ्र भुगतान की बात रखी।
स्थानीय रिपोर्टों और वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के अनुसार, प्रशासनिक अधिकारियों ने संगठन की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया है। संबंधित विभाग द्वारा बजटीय व तकनीकी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है ताकि सभी केयरटेकरों को समयबद्ध तरीके से उनका पारिश्रमिक मिल सके।
एसोसिएशन द्वारा रखे गए मुख्य बिंदु:
- मानदेय का पारदर्शी निस्तारण: पूर्व के बकाया मानदेय का पारदर्शी व्यवस्था के तहत सीधे बैंक खातों में त्वरित हस्तांतरण।
- रखरखाव संसाधनों की उपलब्धता: शौचालयों में पर्याप्त सफाई सामग्री, जलापूर्ति और बिजली व्यवस्था को दुरुस्त रखना।
- नियमित संवाद व्यवस्था: ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों और केयरटेकरों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना।
प्रशासन का सकारात्मक रुख और समाधान की दिशा में कदम
राज्य सरकार ग्रामीण विकास और स्वच्छता योद्धाओं के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं एवं सत्यापन का कार्य अंतिम चरण में है। जैसे ही प्रक्रिया पूरी होगी, संबंधित मानदेय की राशि बिना किसी विलंब के हस्तांतरित कर दी जाएगी। सरकार का स्पष्ट ध्येय है कि विकास और स्वच्छता के इस जन-अभियान में कार्यरत हर व्यक्ति को उसका उचित हक और सम्मान मिले।
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