उत्तर प्रदेश के एक विद्युत सब-स्टेशन में अचानक विशाल काले नाग के घुसने से हाई-वोल्टेज पैनल में शार्ट सर्किट हो गया, जिससे आसपास के कई गांवों की बिजली गुल हो गई। वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के अनुसार, घटना के बाद बिजली विभाग की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत स्थिति को संभाला और बहुत ही कम समय में बिजली आपूर्ति को दोबारा बहाल कर दिया।
अचानक हुआ तकनीकी व्यवधान, कर्मचारियों ने दिखाई सूझबूझ
बिजलीघर के मुख्य नियंत्रण कक्ष में उस समय अफरातफरी मच गई जब ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने ब्रेकर्स के पास एक भारी-भरकम सांप को रेंगते हुए देखा। सांप के हाई-टेंशन तार के संपर्क में आते ही एक तेज धमाका हुआ और ट्रिपिंग के कारण आधा दर्जन से अधिक गांवों की बिजली ठप हो गई। कर्मचारियों ने घबराने की बजाय तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया और उच्च अधिकारियों को सूचित करते हुए मुख्य लाइन को आइसोलेट किया।
प्रशासन की तत्परता और त्वरित समाधान
घटना की सूचना मिलते ही विद्युत निगम के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी टीम मौके पर पहुंची। इस प्राकृतिक और अप्रत्याशित चुनौती से निपटने के लिए विभाग ने बेहद प्रभावी तरीके से कार्य किया। कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विशेषज्ञ टीम की मदद से स्थिति को नियंत्रित किया गया।
प्रशासन द्वारा उठाए गए प्रमुख कदम:
- त्वरित बिजली बहाली: प्रभावित गांवों को बिना किसी बड़े विलंब के वैकल्पिक फीडर से जोड़कर बिजली सप्लाई शुरू की गई।
- सुरक्षा ऑडिट के निर्देश: सब-स्टेशन परिसर और आसपास उग आई झाड़ियों की सफाई के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
- कर्मचारी सुरक्षा व्यवस्था: रात के समय काम करने वाले कर्मचारियों के लिए टॉर्च, गमबूट और जालीदार बाड़ (Fencing) को दुरुस्त करने के आदेश दिए गए।
भविष्य के लिए सुरक्षा ढांचा होगा मजबूत
ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार और ऊर्जा विभाग लगातार प्रयासरत हैं। इस घटना को एक सीख के रूप में लेते हुए विभाग ने सभी ग्रामीण सब-स्टेशनों में ‘पेस्ट एंड रेप्टाइल कंट्रोल’ उपाय लागू करने की योजना बनाई है। अधिकारियों का कहना है कि बिजलीघरों के बुनियादी ढांचे को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं ताकि भविष्य में इस प्रकार के प्राकृतिक कारणों से जनता को परेशानी न हो।
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