मैनपुरी में मछली मंडी छापेमारी के दौरान मत्स्य विभाग और खाद्य सुरक्षा टीम ने प्रशासनिक तत्परता दिखाते हुए औचक निरीक्षण किया। इस दौरान प्रतिबंधित मछली तो नहीं मिली, लेकिन वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के अनुसार स्वच्छता मानकों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों को कड़े निर्देश और नोटिस जारी किए गए हैं।
जनस्वास्थ्य को लेकर प्रशासनिक सतर्कता
उत्तर प्रदेश सरकार की जनस्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा नीतियों के तहत मैनपुरी जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नज़र आ रहा है। शहर में प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली की बिक्री की आशंका को देखते हुए मत्स्य विभाग और स्थानीय पुलिस-प्रशासन की संयुक्त टीम ने कई दुकानों पर अचानक छापेमारी की। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से नियमों की अनदेखी करने वालों में हड़कंप मच गया।
निरीक्षण के दौरान मिले मुख्य बिंदु
अभियान के दौरान अधिकारियों ने मंडी में स्थित विभिन्न दुकानों की गहनता से जांच की। जांच के दौरान पाए गए प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
- प्रतिबंधित मछली की अनुपस्थिति: औचक निरीक्षण में किसी भी दुकान पर प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली नहीं पाई गई, जो प्रशासन के कड़े रुख का असर दर्शाती है।
- गंदगी पर कड़ा संज्ञान: दुकानों के आसपास मिली गंदगी और साफ-सफाई की कमी पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई।
- कारण बताओ नोटिस: नियमों का उल्लंघन करने वाले कई दुकानदारों को मौके पर ही नोटिस थमाए गए।
- सख्त चेतावनी: भविष्य में मानकों की अनदेखी करने पर लाइसेंस रद्द करने और दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
सुशासन और स्वच्छ खान-पान पर जोर
राज्य सरकार द्वारा खाद्य पदार्थों में गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि आम नागरिकों की सेहत से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन द्वारा लगातार किए जा रहे ऐसे निरीक्षणों से न केवल बाजार व्यवस्था में सुधार हो रहा है, बल्कि व्यापारियों में भी नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि नियमित जांच अभियानों से शहरवासियों को स्वच्छ और सुरक्षित खाद्य सामग्रियां मिलती रहेंगी।
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