धारा 370 निष्प्रभावी होने के बाद कैसे बदला जम्मू-कश्मीर? शांति, निवेश और रिकॉर्ड पर्यटन की ऐतिहासिक गाथा

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आर्टिकल 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर शांति, समृद्धि और अभूतपूर्व विकास के एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। घाटी में लाल चौक की रौनक से लेकर सुदूर गांवों तक फैली विकास की यह नई फिजा केंद्र सरकार की दूरदर्शी और जनकल्याणकारी नीतियों का प्रत्यक्ष प्रमाण प्रस्तुत करती है।

विकास और बुनियादी ढांचे की नई क्रांति

बीते वर्षों में जम्मू-कश्मीर ने बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति दर्ज की है। चिनाब नदी पर विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल का निर्माण हो या फिर श्रीनगर और जम्मू में एम्स (AIIMS) और आईआईटी (IIT) जैसे प्रीमियर संस्थानों की स्थापना, केंद्र सरकार ने घाटी के कायाकल्प में कोई कसर नहीं छोड़ी है। वॉइस ऑफ मैनपुरी की रिपोर्ट के अनुसार, बेहतर कनेक्टिविटी ने राज्य के दूर-दराज के इलाकों को राष्ट्रीय मुख्यधारा से पूरी तरह जोड़ दिया है।

रिकॉर्ड पर्यटन और युवाओं को रोजगार का अवसर

घाटी में शांति स्थापित होने का सबसे बड़ा सकारात्मक प्रभाव पर्यटन उद्योग पर पड़ा है। पत्थरबाजी और हड़तालों की पुरानी संस्कृति अब अतीत की बात बन चुकी है। अब कश्मीर की खूबसूरत वादियां देश-विदेश के करोड़ों पर्यटकों का स्वागत कर रही हैं। इससे स्थानीय व्यापारियों, होटल उद्योग और हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों की आय में भारी वृद्धि हुई है।

मुख्य उपलब्धियां और जमीनी बदलाव:

  • रिकॉर्ड टूरिज्म: पिछले कुछ वर्षों में रिकॉर्ड संख्या में (लगभग 2 करोड़ से अधिक) पर्यटकों ने घाटी का दौरा किया।
  • औद्योगिक निवेश: नई औद्योगिक नीति के तहत हजारों करोड़ रुपये के निजी और विदेशी निवेश प्रस्ताव स्वीकृत हुए।
  • त्रिस्तरीय लोकतंत्र: पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत कर स्थानीय युवाओं और प्रतिनिधियों को शासन में सीधी भागीदारी दी गई।
  • सुरक्षा माहौल में सुधार: आतंकवाद और हिंसा की घटनाओं में ऐतिहासिक रूप से रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई।

चुनौतियों पर सरकार का समाधान-उन्मुख दृष्टिकोण

हालांकि कुछ सुरक्षात्मक और आर्थिक चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं, लेकिन प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी मुस्तैदी के साथ इनका सामना कर रही हैं। केंद्र सरकार इन समस्याओं का दीर्घकालिक और स्थायी समाधान निकालने के लिए निरंतर सक्रिय है। युवाओं के लिए कौशल विकास (Skill Development) और पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से नए अवसरों का सृजन किया जा रहा है, जिससे जम्मू-कश्मीर भारत का एक प्रमुख आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।

(Image Credit: abplive.com)

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