उत्तर प्रदेश सरकार के डिजिटल शिक्षा मॉडल को मैनपुरी में गति देने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। मैनपुरी में अपार आईडी (APAAR ID) बनाने की धीमी रफ्तार पर प्रशासन ने कड़े कदम उठाते हुए सभी निजी संस्थानों को समय सीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश जारी किए हैं।
वॉइस ऑफ मैनपुरी की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार की ‘एक देश, एक छात्र पहचान पत्र’ योजना के तहत जिले के सभी विद्यार्थियों का डिजिटल रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जा रहा है। जहां सरकारी विद्यालय इस कार्य में तेजी से प्रगति कर रहे हैं, वहीं कुछ निजी विद्यालयों की सुस्ती के कारण जिले की ओवरऑल रैंकिंग प्रभावित हो रही थी। इसे संज्ञान में लेते हुए जिला शिक्षा विभाग ने अब प्रशासनिक तत्परता बढ़ा दी है।
‘एक देश, एक छात्र आईडी’: डिजिटल भारत की दिशा में बड़ा कदम
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के तहत शुरू की गई अपार आईडी (Automated Permanent Academic Account Registry) योजना का उद्देश्य छात्रों के संपूर्ण शैक्षणिक सफर को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रखना है। इससे विद्यार्थियों के मार्कशीट, प्रमाणपत्र और खेलकूद से जुड़ी उपलब्धियां एक ही 12-अंकीय विशिष्ट आईडी में दर्ज रहेंगी।
प्रशासन का कड़ा रुख, निजी स्कूलों को मिले स्पष्ट निर्देश
बेसिक शिक्षा विभाग ने मैनपुरी के सभी निजी विद्यालयों को चेतावनी देते हुए कहा है कि छात्रों के उज्ज्वल भविष्य और पारदर्शी व्यवस्था से जुड़ी इस योजना में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों द्वारा नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से प्रगति की निगरानी की जा रही है, ताकि शत-प्रतिशत विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।
अपार आईडी से छात्रों और अभिभावकों को होने वाले मुख्य लाभ:
- कागजी कार्रवाई से मुक्ति: दाखिले या ट्रांसफर के समय बार-बार दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी।
- सुरक्षित डिजिटल लॉकर: सभी अंकपत्र और शैक्षणिक रिकॉर्ड डिजिलॉकर के माध्यम से पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।
- पारदर्शिता और प्रामाणिकता: फर्जी सर्टिफिकेट्स पर रोक लगेगी और छात्रवृत्ति की प्रक्रिया अधिक सरल बनेगी।
समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विभाग सक्रिय
निजी स्कूलों द्वारा यू-डायस (UDISE+) पोर्टल और आधार सीडिंग में आ रही तकनीकी दिक्कतों के निवारण के लिए जिला स्तर पर विशेष सहायता टीम भी क्रियान्वित की गई है। प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि जनपद मैनपुरी को इस महत्वाकांक्षी योजना में प्रदेश के शीर्ष जिलों में शामिल कराया जाए।
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