पत्रकारों पर हमला: सीजेपी (CJP) और वामपंथी समूहों के प्रदर्शन के दौरान मीडियाकर्मियों पर हुई हिंसा पर कड़ा रुख अपनाते हुए वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने इसे लोकतंत्र पर प्रहार बताया है। उन्होंने कहा कि हिंसा में शामिल लोग छात्र नहीं बल्कि उपद्रवी हैं।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमले की कड़ी निंदा
हाल ही में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों पर हुए हमले ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। इस मामले पर अपनी त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए वॉइस ऑफ मैनपुरी की रिपोर्ट के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी ने साफ किया कि प्रशासनिक व्यवस्था को भंग करने और मीडिया को निशाना बनाने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती।
उन्होंने कहा, “जो लोग खुद को छात्र बताकर पत्रकारों पर हमले कर रहे हैं, वे वास्तव में अराजक तत्व हैं।” उन्होंने पुलिस और स्थानीय प्रशासन से उपद्रवियों की तत्काल पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का आह्वान किया है, ताकि शांति और कानून व्यवस्था कायम रहे।
मामले से जुड़ी मुख्य बातें:
- कानूनी कार्रवाई का आश्वासन: प्रदर्शन की आड़ में हिंसा भड़काने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान डिजिटल साक्ष्यों और वीडियो फुटेज से की जा रही है।
- मीडिया की सुरक्षा प्राथमिकता: प्रशासन ने पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही है।
- प्रशासनिक तत्परता: संबंधित एजेंसियां मामले को बेहद गंभीरता से ले रही हैं और अराजकता फैलाने वालों पर नकेल कसने के लिए तत्पर हैं।
सुचारू प्रशासनिक व्यवस्था और त्वरित जांच
घटना के तुरंत बाद जिम्मेदार अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस की विशेष टीमें जांच में जुटी हुई हैं ताकि दोषियों को जल्द से जल्द कानून के कटघरे में लाया जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में कानून का शासन सर्वोपरि है और किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।
(Image Credit: abplive.com)






