मैनपुरी में लगातार होते पेपर लीक और छात्र धांधली के खिलाफ पूर्व सैनिकों और युवाओं ने काली पट्टी बांधकर जोरदार प्रदर्शन किया। देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले पूर्व सैनिकों ने अब युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए सड़कों पर उतरकर शासन-प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरी है।
छात्रों के भविष्य और पारदर्शिता के लिए सड़कों पर उतरे पूर्व सैनिक
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही धांधली और बार-बार पेपर लीक की घटनाओं को लेकर आक्रोश चरम पर है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अब जिले के पूर्व सैनिक भी छात्रों के समर्थन में आ गए हैं। वॉइस ऑफ मैनपुरी की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण लेकिन सख्त लहजे में अपना विरोध दर्ज कराया और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
पूर्व सैनिकों और छात्र संगठनों ने मिलकर सरकार के समक्ष निम्नलिखित कड़े कदम उठाने की मांग रखी है:
- पेपर लीक माफियाओं पर सख्त कार्रवाई: धांधली में शामिल आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) और बुलडोजर कार्रवाई की जाए।
- फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन: भर्ती परीक्षाओं के घोटालों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों का गठन हो ताकि जल्द सजा मिल सके।
- पारदर्शी परीक्षा प्रणाली: सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी पारदर्शिता और कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ आयोजित कराया जाए।
- पीड़ित अभ्यर्थियों को मुआवजा: रद्द हुई परीक्षाओं के कारण छात्रों के समय और आर्थिक नुकसान की भरपाई की जाए।
“देश की सीमा के बाद अब युवाओं के हक के लिए लड़ेंगे”
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पूर्व सैनिकों ने स्पष्ट कहा कि उन्होंने जीवन भर सरहद पर देश की रक्षा की है, लेकिन अब देश के भीतर युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेला जा रहा है। यदि पेपर लीक कानून को सख्ती से लागू नहीं किया गया और पारदर्शी परीक्षाएं नहीं कराई गईं, तो यह आंदोलन मैनपुरी से निकलकर पूरे प्रदेश में व्यापक रूप लेगा।
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